निर्देशन: पुलिस अधीक्षक, सुलतानपुर (चारू निगम)
पर्यवेक्षण: अपर पुलिस अधीक्षक (बृजनारायण सिंह)
सफल प्रयास: प्रभारी निरीक्षक हंसमती एवं महिला थाना टीम
परिणाम: दो विवादित जोड़ों के आपसी मतभेद सुलझे, हंसी-खुशी हुई विदाई

कहते हैं कि अगर इरादे नेक हों और प्रयास सच्चे, तो टूटते हुए रिश्तों को भी बचाया जा सकता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है सुलतानपुर के महिला थाने की पुलिस टीम ने।
पुलिस अधीक्षक चारू निगम के कुशल निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक बृजनारायण सिंह के करीबी पर्यवेक्षण में, महिला थाना पुलिस ने अपनी संवेदनशीलता और सूझबूझ का परिचय देते हुए दो ऐसे परिवारों को उजड़ने से बचा लिया, जो पिछले काफी समय से कानूनी और पारिवारिक विवादों के दलदल में फंसे हुए थे।
काउंसलिंग बनी वरदान: जब जिद पर भारी पड़ी समझदारी
महिला थाना प्रभारी निरीक्षक हंसमती और उनकी टीम के सामने जब ये दोनों मामले आए, तो दोनों पक्षों में भारी कड़वाहट और मतभेद थे। कई महीनों से चल रहे इस विवाद के कारण दोनों जोड़े अलग रह रहे थे और मामला अदालत के दरवाजे तक पहुंच चुका था।
थाना प्रभारी हंसमती ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पेशेवर पुलिसिंग से इतर, एक मार्गदर्शक और अभिभावक की भूमिका निभाई। उन्होंने दोनों पक्षों (पति और पत्नी) को आमने-सामने बिठाकर कई दौर की मैराथन काउंसलिंग की।
”हमारा उद्देश्य सिर्फ मुकदमा दर्ज करना या कानूनी कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि समाज की सबसे छोटी और महत्वपूर्ण इकाई—’परिवार’ को बचाना है।”
— प्रभारी निरीक्षक हंसमती
सारे मतभेद भुलाकर एक हुए दिल
महिला थाना टीम के अथक प्रयासों, धैर्य और सही समझाइश का असर आखिरकार देखने को मिला। दोनों जोड़ों ने अतीत की कड़वाहट, गलतफहमियों और सारे मतभेदों को भुलाकर एक बार फिर से साथ रहने का फैसला किया। पुलिस थाने का माहौल उस समय भावुक और खुशनुमा हो गया जब दोनों पतियों ने अपनी पत्नियों को दोबारा साथ रखने का संकल्प लिया।

थाने से हुई विदाई, परिजनों ने जताया आभार
थाना परिसर में ही दोनों जोड़ों की बकायदा रस्मों और आपसी रजामंदी के साथ विदाई कराई गई। इस भावुक पल को देखकर वहां मौजूद पुलिसकर्मी और परिजनों की आंखें नम हो गईं। दोनों परिवारों ने सुलतानपुर पुलिस की इस मानवीय और सराहनीय पहल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। परिजनों ने पुलिस अधीक्षक चारू निगम और महिला थाना प्रभारी का धन्यवाद करते हुए कहा कि पुलिस के इस प्रयास ने उनके बच्चों का जीवन बर्बाद होने से बचा लिया।
पुलिस टीम की भूमिका (सराहनीय प्रयास)
इस पूरे मामले को सुलझाने और विदाई को सफल बनाने में निम्नलिखित टीम की मुख्य भूमिका रही:
प्रभारी निरीक्षक: हंसमती (महिला थाना, सुलतानपुर)
सहयोगी टीम: महिला थाने के मुख्य आरक्षी और आरक्षी (काउंसलर्स), जिन्होंने दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की।
सुलतानपुर पुलिस का यह मानवीय चेहरा समाज में खाकी के प्रति विश्वास को और मजबूत करता है।