
उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 से पहले योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सुप्रीम कोर्ट के ‘ट्रिपल टेस्ट’ की अनिवार्यता पूरी करने के लिए ‘उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग’ के गठन को मंजूरी दे दी गई है।
5 सदस्यीय आयोग, रिटायर्ड जज होंगे अध्यक्ष
कैबिनेट की मंजूरी के बाद गठित इस आयोग में कुल 5 सदस्य होंगे। इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस राम औतार सिंह को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। आयोग में रिटायर्ड ADJ बृजेश कुमार, रिटायर्ड IAS अरविंद कुमार चौरसिया और रिटायर्ड IAS एसपी सिंह को भी सदस्य बनाया गया है।
3 महीने में देनी होगी प्राथमिक रिपोर्ट
आयोग का कार्यकाल भले 6 महीने का है, लेकिन पंचायत चुनाव को देखते हुए इसे 3 महीने के भीतर अपनी प्राथमिक रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। आयोग गांव-गांव जाकर OBC की आबादी और उनके सामाजिक-प्रशासनिक पिछड़ेपन का अध्ययन करेगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत में OBC का आरक्षण तय होगा।