
वाराणसी। अस्सी स्थित अत्यंत प्राचीन अनंत विज्ञान मठ के महंत इंद्रप्रकाश आश्रम जी एवं उत्तराधिकारी महंत दीपक प्रकाश आश्रम जी ने वर्तमान पुरुषोत्तम मास में चल रही धार्मिक पंचकोशी यात्रा के विशेष महत्व एवं उसके आध्यात्मिक रहस्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि काशी की पंचकोशी यात्रा सनातन धर्म की अत्यंत प्राचीन और मोक्षदायिनी परंपरा है, जिसका वर्णन विभिन्न धार्मिक ग्रंथों एवं पुराणों में मिलता है।
महंत इंद्रप्रकाश आश्रम जी ने कहा कि पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु को समर्पित अत्यंत पवित्र मास माना जाता है। इस माह में किए गए धार्मिक कार्य, पूजा-पाठ, दान-पुण्य एवं तीर्थ यात्रा का फल सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना अधिक प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि पुरुषोत्तम मास में पंचकोशी यात्रा करने से व्यक्ति के जीवन के अनेक कष्ट दूर होते हैं तथा उसे आध्यात्मिक शांति और पुण्य लाभ की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से श्रद्धालु अपने जीवन में किए गए पापों से मुक्ति की कामना करते हुए ईश्वर की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
उत्तराधिकारी महंत दीपक प्रकाश आश्रम जी ने पंचकोशी यात्रा के अंतर्गत आने वाले सभी प्रमुख पड़ावों एवं उनके रहस्यमयी महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यात्रा का प्रत्येक पड़ाव धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रत्येक स्थल की अपनी अलग पौराणिक मान्यता और महत्ता है, जो श्रद्धालुओं के जीवन को धर्म और अध्यात्म से जोड़ने का कार्य करती है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि पुरुषोत्तम मास के इस पावन अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में पंचकोशी यात्रा में शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त करें।