
सुलतानपुर। पंचायती चुनाव की तारीख भले ही टल गई हो, लेकिन वार्ड नंबर 32 जिला पंचायत क्षेत्र में सोनू एहसान की जनसेवा रुकने का नाम नहीं ले रही। पिछले तीन साल से लगातार क्षेत्र में सक्रिय सोनू एहसान गरीब-मजलूम और जरूरतमंदों के लिए किसी मसीहा से कम नहीं हैं।अक्सर नेता चुनाव के समय ही गली-मोहल्लों में नजर आते हैं, लेकिन सोनू एहसान की कहानी अलग है। पंचायत चुनाव टलने के बावजूद वे रोज गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं। किसी की दवा का इंतजाम करना हो, बेटी की शादी में मदद हो, या सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना हो — सोनू एहसान हर मोर्चे पर सबसे आगे खड़े मिलते हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि कोरोना काल से लेकर आज तक सोनू एहसान ने कभी मुंह नहीं मोड़ा। राशन, कंबल, इलाज, पढ़ाई की फीस जिसको जो जरूरत पड़ी, सोनू एहसान ने हाथ बढ़ाया। इसी वजह से वार्ड 32 के हर गांव में उनके नाम की गूंज है।क्षेत्र में चर्चा है कि सोनू एहसान कहते हैं चुनाव आए या जाए, मैं वार्ड 32 की जनता का बेटा-भाई बनकर सेवा करता रहूंगा।” उनकी इसी साफगोई और जमीनी जुड़ाव ने उन्हें बाकी दावेदारों से अलग कर दिया है।पंचायत चुनाव टलने के बाद कई चेहरे गायब हो गए, लेकिन सोनू एहसान की सक्रियता और बढ़ गई है। बुजुर्ग हों या युवा, महिलाएं हों या किसान सबकी जुबान पर एक ही बात: इस बार काम करने वाले को ही जिताएंगे।