लखनऊ में धर्मगुरुओं और चांद कमेटियों का बड़ा ऐलान

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज देर शाम शिया और सुन्नी दोनों ही चांद कमेटियों ने चांद दिखने की पुष्टि की।
मरकजी चांद कमेटी के अध्यक्ष और मशहूर धर्मगुरु मुफ़्ती इरफान मियाँ फ़िरंगी महली ने आधिकारिक रूप से ऐलान किया कि देश के विभिन्न हिस्सों से चांद दिखने की मुकम्मल गवाही (तसदीक) मिल चुकी है, इसलिए बुधवार से मोहर्रम का महीना शुरू हो रहा है।
वहीं, प्रमुख शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास नक़वी ने भी शिया चांद कमेटी की ओर से चांद नजर आने का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि अज़ादारी और मजालिस का सिलसिला आज रात से ही शुरू हो जाएगा।
इमारत शरिया (बिहार, ओडिशा व झारखंड) ने भी जारी किया आधिकारिक पत्र
लखनऊ के अलावा, केंद्रीय दारुल कज़ा इमारत शरिया (फुलवारी शरीफ, पटना) ने भी पत्र संख्या 540/026 के माध्यम से देशव्यापी पुष्टि की है। इमारत शरिया के कार्यवाहक काजी-ए-शरिया और हिलाल कमेटी के उप-संयोजक मुजीबुर रहमान कासमी द्वारा जारी पत्र के अनुसार:
”16 जून 2026 (29 ज़िलहिज्जा 1447 हिजरी) मंगलवार को फुलवारी शरीफ और देश के अन्य हिस्सों में चांद देखने का व्यापक स्तर पर इंतजाम किया गया था। चांद आम तौर पर साफ नजर आया है। इस आधार पर 17 जून 2026 को मोहर्रम की पहली तारीख तय पाई है, और यौम-ए-आशूर 26 जून 2026 (शुक्रवार) को होगा।”
यौम-ए-आशूर 26 जून को, अज़ादारी की तैयारियां शुरू
चांद दिखने के साथ ही मोहर्रम के ऐतिहासिक और मुकद्दस महीने की शुरुआत हो गई है। हज़रत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में मनाई जाने वाली मोहर्रम के शुरुआती 10 दिनों में विभिन्न इमामबाड़ों, मस्जिदों और अज़ाखानों में मजलिसों और मातम का सिलसिला शुरू हो जाएगा। 26 जून को यौम-ए-आशूर के मौके पर देश के अलग-अलग हिस्सों में पारंपरिक ताजियों के जुलूस निकाले जाएंगे।
शासन और प्रशासन की ओर से भी मोहर्रम के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था और शांति कमेटियों की बैठकों का दौर शुरू कर दिया गया है, ताकि सभी धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो सकें।